हल्दी वाला दूध.., ये नाम सुनते ही कई लोगों को बचपन की याद आ जाती है। ज़रा-सा सर्दी लगी नहीं कि घर में तुरंत गरमा-गरम दूध में हल्दी मिलाकर दे दिया जाता था। और सच कहें तो, हल्दी और दूध का यह मेल सिर्फ परंपरा नहीं है, इसके पीछे काफी मजबूत कारण भी हैं। हल्दी अपने आप में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती है, और दूध उसे शरीर तक पहुंचाने का आसान माध्यम बन जाता है।
अब चाहे सर्दी-जुकाम हो, हल्का गला बैठ गया हो, या दिनभर की थकान..!कई लोग रात को हल्दी वाला दूध पीते हैं और उन्हें इससे आराम भी मिलता है। आइए जानते है विस्तार से.

हल्दी वाला दूध कैसे बनाएं?
वैसे बनाना बिल्कुल आसान है, पर छोटी-छोटी बातें फर्क डालती हैं, इसलिए कुछ चीजों का ख्याल रखे।
- एक गिलास दूध गर्म करें
- उबाल आने से ठीक पहले ½ चम्मच हल्दी डालें
- चाहें तो एक चुटकी काली मिर्च डाल दें, इससे हल्दी का असर बढ़ जाता है
- 2 मिनट धीमी आँच पर पकाएँ
- अब गैस बंद करके हल्का ठंडा होते ही पी लें
- चीनी डालने की जरूरत नहीं होती। अगर स्वाद चाहिए तो थोड़ी शहद बाद में मिला सकते हैं (लेकिन गरम दूध में कभी न मिलाएँ)।
हल्दी वाला दूध कब पीना चाहिए?
आम तौर पर हल्दी वाला दूध रात को सोने से 30 मिनट पहले पीना सबसे अच्छा माना जाता है। कारण सरल हैं:
- शरीर रात में repair mode में रहता है, जिससे दूध शरीर मैं पचकर, पोषक तत्व देता हैं।
- नींद बेहतर होती है
- गले और नाक की जलन कम होती है
- थकान शांत हो जाती है
कुछ लोग इसे सुबह भी पीते हैं, लेकिन रात वाला समय शरीर को ज्यादा सूट करता है।
हल्दी वाला दूध कैसे पीना चाहिए?
- हल्का गर्म — ज्यादा गरम नहीं
- छोटा-सा घूंट लेकर धीरे-धीरे पिएँ
- खाली पेट न पिएँ—हल्की गैस बन सकती है
- खाने के एक घंटे बाद पीना बेहतर रहता है
- वैसे चाहें तो इसमें दालचीनी की 1 छोटी चुटकी डालकर स्वाद और फायदा दोनों बढ़ा सकते हैं।
हल्दी वाला दूध पीने के फायदे
हल्दी वाला दूध पीने के फायदों की बात करें तो सूची काफी लंबी है, पर मुख्य बातें कुछ यूँ हैं-
1) सर्दी-जुकाम और गले की जलन में राहत
हल्दी की गरम तासीर और उसके एंटी-बैक्टीरियल गुण गले की सूजन शांत करते हैं।
2) जोड़ों का दर्द और सूजन कम
कई लोग arthritis या जोड़ों के दर्द में रात को हल्दी वाला दूध पीकर आराम महसूस करते हैं।
3) नींद बेहतर होती है
दूध में मौजूद ट्रिप्टोफैन और हल्दी का soothing effect—दोनों मिलकर गहरी नींद में मदद करते हैं।
4) पाचन में सुधार
हल्का-सा इंफ्लेमेशन भी कम करता है, जिससे acidity वाले लोगों को फायदा महसूस हो सकता है।
5) स्किन ग्लो
हल्दी शरीर से toxins कम करती है, इसलिए नियमित पीने से चेहरे पर glow आना आम बात है।
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हल्दी वाला दूध के नुकसान – किन बातों का ध्यान रखें?
हल्दी वाला दूध पीते वक्त फायदों के साथ कुछ सावधानियाँ भी जरूरी हैं।
हल्दी वाला दूध किसे नहीं पीना चाहिए?
- जिनको पित्त (acidity) बहुत जल्दी बनती है
- जो लोग gallbladder stone से परेशान हैं
- जिन्हें हल्दी से allergy हो
- गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में (डॉक्टर से पूछकर ही पिएँ)
- ज्यादा गर्मी महसूस करने वालों के लिए भी यह भारी पड़ सकता है
हल्दी वाला दूध के नुकसान (अगर गलत तरीके से पिया जाए)
- गैस, भारीपन या जलन
- पेट में छटपटाहट
- गर्मी बढ़ना
- मुंहासे बढ़ सकते हैं (कुछ लोगों में)
यानी फायदा तभी है जब इसे सीमित मात्रा में और सही समय पर पिया जाए।
क्या हल्दी वाला दूध रोज़ पी सकते हैं?
हाँ, लेकिन ½ चम्मच से ज्यादा हल्दी न डालें।
ज्यादा हल्दी पेट में जलन, चक्कर, या मतली भी बढ़ा सकती है। सप्ताह में 4–5 दिन काफी हैं।
छोटा-सा रात का रूटीन
- खाना – हल्का
- 30 मिनट बाद – हल्दी वाला दूध
- उसके 15–20 मिनट बाद – सो जाएँ
धीरे-धीरे शरीर को आराम महसूस होगा और सुबह तरोताजगी भारी होगी।
