1 मिनट में नींद आने का तरीका | How to Sleep Fast in 1 Minute in Hindi

कई लोग रात में बिस्तर पर लेटते हैं, आँखें बंद करते हैं… और फिर भी नींद जैसे दूर खड़ी होकर हाथ हिला रही होती है। कभी दिमाग में पुरानी बातें घूमती रहती हैं, कभी अगले दिन का काम, और कभी यूँ ही बिना वजह नींद ही नहीं आती। वैसे इंसान का शरीर नींद माँगता ज़रूर है, बस कभी-कभी उसे हल्का-सा धक्का देना पड़ता है।

नीचे नींद जल्दी लाने के कुछ आसान, Practically काम आने वाले तरीके दिए हैं। साथ ही, अनिद्रा के कारण और कब दवा की ज़रूरत पड़ सकती है उस पर भी हल्की-सी चर्चा है।

1 मिनट में नींद आने का तरीका (Quick Tips) | How to Sleep in 1 Minute in Hindi

1) 4-7-8 ब्रीदिंग

4 सेकंड तक गहरी साँस लें, 7 सेकंड तक रोकें, 8 सेकंड में धीरे धीरे छोड़ें। अजीब लगता है पर यह दिमाग का “ओवरथिंक मोड” बंद करके “Calm मोड” ऑन कर देता है। जिससे स्ट्रेस कम होकर जल्दी सोने मैं मदत मिलती हैं।

2) आँखें आधी बंद रखने की चाल

पूरी आँखें बंद न करें… आधी बंद होने जैसा रखें। शरीर इसे नींद का संकेत समझ लेता है और पलकों में भारीपन आने लगता है।

3) रोशनी तुरंत कम करें

कमरे की तेज रोशनी दिमाग को जगाए रखती है। एकदम हल्की डिम लाइट करें या बस लैंप ऑफ कर दें। इससे आपके दिमाग मे यह संदेश जाएगा की अभी रात हो चुकी हैं और सोने का समय हैं।

4) कमरे का तापमान 24–25°C के आसपास

बहुत गर्म या बहुत ठंडा कमरा नींद को रोकता है। थोड़ा ठंडा माहौल नींद को तेजी से बढ़ावा देता है।

5) नींद वाली मसल रिलैक्सेशन

पैर की उँगलियों से शुरू करते हुए हर मसल को 5–5 सेकंड टाइट करें और छोड़ दें। पूरे शरीर में ढीलापन आएगा और नींद आने लगती है।

ये पाँचों तरीके तुरंत आज़माए जा सकते हैं। अक्सर 1–2 मिनट में फर्क महसूस होता है।

नींद न आने के कारण

नींद गायब होने के पीछे एक ही वजह नहीं होती। कई छोटी-छोटी बातें मिलकर असर करती हैं। यदि आपके साथ भी इनमे से कोई समस्या हैं तो हो सकता हैं की आपको नींद न आने के पीछे वही कारण हैं:

1) मानसिक तनाव

दिनभर का तनाव रात में दिमाग को घूमता रहता है। यही सबसे आम कारण है।

2) मोबाइल और स्क्रीन टाइम

सोने से पहले फोन स्क्रॉल करना… कई लोग कहते हैं “बस पाँच मिनट”, पर ये पाँच मिनट दिमाग को आधे घंटे तक जागृत कर देते हैं।

3) देर शाम चाय-कॉफ़ी

चाय कॉफी मे कैफ़ीन होता हैं, जिसका असर 6–8 घंटे तक रहता है। कैफ़ीन नींद मे बाधक होता हैं। इसलिए शाम 5 बजे के बाद चाय/कॉफी से परहेज़ करें।

यह भी पढे: रात मे हल्दी वाला दूध पीने के फायदे

4) अनियमित नींद का समय

कभी 11 बजे सोना, कभी 2 बजे—शरीर की स्लीप क्लॉक ही उलझ जाती है।

5) शारीरिक थकावट की कमी

दिनभर बैठकर काम करने वालों में अनिद्रा ज़्यादा देखी जाती है। शरीर जब थकता नहीं, नींद आने में समय लगता है।

6) कुछ मेडिकेशन्स

थायरॉइड, एंटी-एलर्जिक, या कुछ एंटीडिप्रेसेंट दवाएँ भी नींद खराब कर सकती हैं।

जल्दी नींद लाने के व्यावहारिक तरीके (Practical Tips)

आगे आपको कुछ टिप्स दे रहे हैं, जिन्हे अगर आपक ध्यान के रखते हैं, और अपनी जीवनशैली की नियमित इनका उपयोग करते हैं तो आपको जल्दी सोने मे काफी ज्यादा मदत होगी।

1) सोने से 1 घंटे पहले फोन दूर रखें

कई लोगों को रात मे जबतक निंद न आए तबतक फोन चलाने की आदत होती हैं। लेकिन रात के अंधरे मैं स्क्रीन की तरफ देखने से दिमाग यह समझ नहीं पाता की अभी रात्री हो चुकी हैं और शरीर को सो जाना चाहिए। इसलिए रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले अपने मोबाईल को दूर रख दे, वैसे आसान नहीं है, पर आप चाहें तो “फोन चार्जिंग पर लगा कर” दूर रखें। शरीर को धीरे-धीरे नींद का संकेत मिलने लगेगा।

2) शाम को 20–25 मिनट की वॉक

हल्की चाल से की गई वॉक नींद की गुणवत्ता सुधारती है। बहुत हैवी वर्कआउट रात में न करें। खाना खाने के बाद 20-25 मिनिट टहल ले। इससे शरीर भी थक जाएगा और नींद अच्छी आएगी।

3) हल्की-सी रीडिंग

किताब पढ़ते-पढ़ते अक्सर आँखें भारी हो जाती हैं। पढ़ते वक्त चित्त एकाग्र होता हैं, जिससे नींद आती हैं। इसलिए रात मे किताब पढ़ना भी अच्छा विकल्प हो सकता हैं। लेकिन मोबाइल पर ई-बुक न पढ़ें, पेपर बुक बेहतर है।

4) गुनगुने पानी से पैर धोकर सोना

पैरों की मांसपेशियों को आराम मिलता है और दिमाग को भी आराम का सिग्नल मिलता है।

5) सोने से पहले हल्का-सा गर्म दूध

ट्रिप्टोफैन नींद में मदद करता है। दूध न पचा पाए तो गरम पानी भी ठीक है।

6) कमरे को साफ और शांत रखें

थोड़ा-सा clutter भी दिमाग को एक्टिव रखता है। बिस्तर जितना सुकूनदेह होगा, नींद उतनी जल्दी आएगी।

नींद की गोली का नाम (General Information)

बाज़ार में कई नींद की दवाइयाँ मिलती हैं, जैसे —

जोलपिडेम, क्लोनाज़ेपाम, अल्प्राज़ोलम, आदि।

लेकिन ध्यान रखें—ये सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए। अपने-आप दवा शुरू करना बिल्कुल ठीक तरीका नहीं है, क्योंकि इसकी आदत भी लग सकती है।

कब डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है?

कई बार नींद न आना मानसिक तनाव व विचारों के कारण होता हैं, जिसे ध्यान व मानसिक उपचार से ठीक कीया जा सकता हैं। लेकिन यदि यह समस्या अधिक होती हैं, और आपको आगे दिए गए लक्षण दिखते हैं तो डॉक्टर से जरूर मिले:

  • लगातार 2–3 हफ्ते नींद न आए
  • बार-बार रात में जगना
  • नींद पूरी न होने से दिनभर चक्कर, थकान
  • तेज चिंता या बेचैनी

कभी-कभी नींद की समस्या सिर्फ आदत सुधारने से ठीक हो जाती है, पर अगर दिक्कत लंबी चले तो विशेषज्ञ से सलाह लेना हमेशा बेहतर है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top