दिल की धड़कन तेज होने पर घरेलू उपाय | How to Control High Heart Beat in Hindi

कई लोगों मैं सोते समय बिना कारण दिल की धड़कन तेज होना या कई थोड़ी बोहोत भी शारीरिक क्रिया करने पर दिल जोर जोर से धड़कने की समस्या महसूस होती है?

ऐसा बहुत से लोगों के साथ होता है। एकदम से घबराहट होती है, सीना धक् धक् करने लगता है, हाथ पैर ठंडे पड़ जाते हैं और मन में डर सा बैठ जाता है। ज्यादातर लोग यही समझते हैं कि कुछ गंभीर हो गया, लेकिन अच्छी बात यह है कि अक्सर यह कोई बड़ी बीमारी नहीं होती। बस शरीर कुछ कहना चाहता है  थोड़ा तनाव ज्यादा हो गया, पानी कम पी लिया, चाय-कॉफी की आदत बढ़ गई या नींद पूरी नहीं हुई।

इन छोटी-छोटी बातों को सुधार लें तो घर बैठे ही धड़कन फिर से सामान्य हो जाती है।

इस लेख के माध्यम से हम समझेंगे कि,

  • दिल की धड़कन तेज होने के क्या कारण है?
  • इसके साथ कौन कौन से लक्षण आते हैं?
  • अचानक तेज धड़कन आए तो तुरंत क्या करना चाहिए?
  • दिल की धड़कन तेज होने पर क्या खाना चाहिए?
  • और कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी हो जाता है?

दिल की धड़कन तेज होने के सबसे आम कारण

दिल की धड़कन बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, इनमे से कुछ सामान्य और अक्सर पाए जाने वाले लक्षण कुछ इस प्रकार हैं:

  • मानसिक तनाव या ज्यादा चिंता लेना
  • शरीर मैं पानी की मात्रा का काम होना
  • सूरज ढलने के बाद भी चाय-कॉफी या कोल्ड ड्रिंक पीते रहना
  • रात को देर तक जागना और नींद पूरी न होना
  • एक साथ पेट भरकर भारी खाना खा लेना
  • थायरॉइड का बढ़ जाना (हाइपरथायरॉइड)
  • खून की कमी होना
  • अचानक उठने-बैठने पर भी कुछ पल के लिए धड़कन तेज हो जाना (खासकर जिनका ब्लड प्रेशर कम रहता है)

दिल की धड़कन तेज होने से क्या-क्या महसूस होता है?

  • साँसें तेज चलने लगती हैं
  • हल्की घबराहट या बेचैनी होती है
  • चक्कर सा आता है
  • सीने पर हल्का दबाव महसूस होता है
  • हाथ-पैर ठंडे हो जाते हैं
  • एकाग्रता भंग हो जाती है

ये सारे लक्षण ज्यादातर एक-दो मिनट में अपने आप ठीक हो जाते हैं।

अचानक धड़कन तेज हो जाए तो तुरंत क्या करें?

दिल की धड़कन तेज होने पर कुछ आसान घरेलू उपाय आप कर सकते हैं, यह उपाय निश्चितही आपको बढ़ी हुई धड़कन को सामान्य स्थिति मैं लाने के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।

  1. गहरी साँस लें
    सबसे पहले 4 सेकंद तक धीरे धीरे साँस अंदर भरें, फिर 8 सेकंद तक धीरे-धीरे बाहर छोड़ें। यह क्रिया डेढ़-दो मिनट तक दोहराए। इससे दिल की धड़कन सामान्य होने लगती है।
  2. मुँह-चेहरे पर ठंडा पानी मारें
    ठंडे पानी का छींटा पड़ते ही शरीर का अपना तंत्र धड़कन को तुरंत धीमा कर देता है। यदि दिल की धड़कन अचानक से बढ़ जाए तो ठंडे पानी से चेहरे को धोए।
  3. एक गिलास सादा या हल्का ठंडा पानी फौरन पिएँ
    कई बार शरीर मैं पानी की मात्रा कम होने से भी धड़कन तेज हो जाती हैं। शांति से बैठकर 1 गिलास पानी पीने से धड़कन आधे-पौने मिनट में काबू में आ जाती है।
  4. शाम के बाद चाय-कॉफी बिल्कुल बंद कर दें
    सोते समय दिल की धड़कन तेज होना ज्यादातर कैफीन की वजह से ही होता है। इसका असर कई घंटों तक रहता है। इसलिए यदि आपको दिन ढलने के पश्चात चाय-कॉफी पीने की आदत हैं, तो तुरंत इसे छोड़े।
  5. दो-तीन मिनट धीरे-धीरे टहल ले
    चिंता से बढ़ी धड़कन हल्की चहलकदमी से बहुत जल्दी शांत हो जाती है।
  6. नियमित ध्यान तथा योगाभ्यास का सराव करे
    ध्यान करने से शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य मैं वृद्धि होती हैं। ध्यान करने के कई लाभ हैं, यदि आप बढ़ी हुई दिल की धड़कन को सामान्य करना चाहते हैं, तो शांत जगह बैठकर ध्यान साधना का सराव करे।

दिल की धड़कन तेज होने पर क्या खाना चाहिए?

यदि आपको अक्सर दिल की धड़कन बढ़ने की समस्या होती हैं, तो आपने खानपान मे कुछ चीजों की शामिल कर आप इसपर काबू पा सकते हैं।

  • रोज एक-दो केले जरूर खाएँ
  • नारियल पानी पिएँ
  • पालक, चुकंदर, दालें ज्यादा लें
  • सुबह दलिया या ओट्स लेना अच्छा रहता है
  • मुट्ठी भर कद्दू के बीज या बादाम रोज चबाएँ
  • भारी, तला-भुना और मसालेदार खाना कम कर दें। ये पेट पर बोझ डालकर धड़कन फिर से बढ़ा देते हैं।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

यदि आपको इन लक्षणों के साथ तेज धड़कन हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें

  • सीने में तेज दर्द या जकड़न
  • धड़कन 5 मिनट से ज्यादा तेज रहे
  • बेहोशी छाना या सब अंधेरा सा लगना
  • साँस लेने में बहुत तकलीफ
  • रोजाना कई बार ऐसा होना

डॉक्टर आमतौर पर ईसीजी, थायरॉइड टेस्ट, खून की जाँच और इलेक्ट्रोलाइट्स चेक करवाते हैं।

अंत में एक बात

दिल की धड़कन तेज होना ज्यादातर बार खतरनाक नहीं होता। यह शरीर का एक तरीका है, जो हमें बताता हैं कि थोड़ा आराम कर लो, पानी पी लो, तनाव कम करो और सबसे जरूरी पूरी नींद लो।

ऊपर बताए दिल की धड़कन तेज होने पर घरेलू उपाय और खान-पान में बदलाव से 90% लोग इसे घर पर ही काबू में कर लेते हैं। फिर भी अगर परेशानी बार-बार हो रही हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। अपने दिल का खयाल रखें, वह आपका सबसे नजदीकी साथी है। स्वस्थ रहें, प्रसन्न रहें।

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